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अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी-एसटी) संशोधन अधिनियम के खिलाफ सवर्ण संगठनों ने बृहस्पतिवार को भारत बंद का एलान किया है। बंद का आह्वान सवर्ण समाज, करणी सेना, सपाक्स एवं कई अन्य संगठनों ने किया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि भारत बंद की अपील सोशल मीडिया की देन है और किसी एक संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। इसके बावजूद देश के सभी जिलों में पुलिस और प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।
बंद के मद्देनजर देशभर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। कई जगह धारा 144 लगा दी गई है। किसी भी हिंसा-उपद्रव से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। बंद का समर्थन करने वाले संगठनों का कहना है कि वे जाति और धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध करते हैं। बंद का समर्थन करने वाले संगठनों ने सड़कों पर उतरने और प्रमुख नेताओं का घेराव करने की तैयारी की है।
यूपी में अलर्ट
भारत बंद को देखते हुए यूपी में अलर्ट जारी किया गया है। डीजीपी मुख्यालय ने इस संबंध में सभी जिला अधिकारियों को जरूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील जिलों में पीएसी व अर्द्धसैनिक बलों को जरूरत के लिहाज से तैनात किया गया है। खुफिया विभाग को सतर्क रहने को कहा गया है। जानकारों के अनुसार राज्य के खुफिया विभाग ने बिजनौर, इलाहाबाद, कासगंज, बांदा, भदोही, हरदोई, बरेली, मथुरा, आजमगढ़, लखनऊ व मऊ आदि जिलों को अधिक संवेदनशील मानते हुए रिपोर्ट भेजी हैं।
