(Amar Ujala)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर संग्रह में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि कर प्रणाली में नवाचारों को अपनाएं और ईमानदार करदाताओं को हरसंभव सुविधा और सम्मान दें। मुख्यमंत्री शुक्रवार को राज्य कर विभाग की समीक्षा कर रहे थे।
नए वित्तीय वर्ष के पहले महीने अप्रैल में 9,986.15 करोड़ का टैक्स मिला। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ जोन जैसे गौतमबुद्धनगर, अयोध्या, लखनऊ द्वितीय, अलीगढ़, कानपुर प्रथम और झांसी ने अप्रैल में 60 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य अर्जित कर सराहनीय काम किया है। लखनऊ ने 71.66 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है। वहीं कुछ जोन और काॅरपोरेट सर्किल में अपेक्षित संग्रह न होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी, इटावा, गोरखपुर, कानपुर द्वितीय और आगरा को और मेहनत करने की जरूरत है। इसी तरह मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर और जालौन के कुछ सेक्टरों में भी सुधार के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एडिशनल कमिश्नरों से भी संवाद किया और उनके अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अधिकारी तकनीक को तेजी से अपनाएं। आईटी टूल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा एनालिटिक्स का उपयोग कर न केवल संग्रहण क्षमता बढ़ाई जाए, बल्कि करदाताओं को सरल और भरोसेमंद अनुभव भी दें।
