(Live Hindustan)
कोल इंडिया ने प्रॉफिट लिंक्ड बोनस का स्कीम तैयार किया है। अंदरखाने सूत्रों का कहना है कि प्रॉफिट लिंक्ड बोनस(पीएलआरएस) स्कीम को लागू करना चाहती है। तीन जून को कोल इंडिया मानकीकरण समिति की बैठक में उक्त स्कीम पर यूनियन नेताओं के साथ चर्चा होगी। बात करने पर कुछ यूनियन नेताओं ने कहा कि प्रॉफिट क्यों प्रोडक्शन लिंक्ड बोनस लागू करे कोल इंडिया। प्रॉफिट में कमी बेसी होती है। इसलिए बोनस में भी कमी संभव है। यदि प्रोडक्शन यानी कोयला उत्पादन के आधार पर बोनस का निर्णय हो तो ठीक रहेगा, क्योंकि कोयला उत्पादन में कमोबेस वृद्धि का ही ट्रेंड रहता है।
मालूम हो कि 2024 में बोनस भुगतान को लेकर यूनियनों के साथ वार्ता में पहली बार पीएलआरएस स्कीम की बात कोल इंडिया ने की थी। तब उक्त स्कीम को लेकर पूरी तरह तैयारी नहीं थी। अब तीन माह बाद दुर्गापूजा के समय बोनस की वार्ता होगी। इसके पहले उक्त स्कीम को लाने के पीछे मंशा है कि पहले ही विवाद को खत्म कर दिया जाए। बता दें कि अब तक बोनस भुगतान पर निर्णय प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ता से होती रही है। मानकीकरण समिति की बैठक उत्तराखंड में होने जा रही है। समिति के नए अध्यक्ष एमसीएल के सीएमडी उदय ए काअले बनाए गए हैं। बैठक में तकरीबन आधा दर्जन प्रमुख एजेंडों पर चर्चा होने है। इनमें एक सेवानिवृत्त पर मिलन वाला सेटल इन अलाउंस भी है। 12 हजार रुपए मिलता है। इसमें वृद्धि की मांग होती रही है। अनुकंपा के आधार पर नियोजन में संशोधन आदि प्रमुख एजेंड़ा है। बैठक में कोल इंडिया सहित सभी अनुषंगी कंपनियों के निदेशक कार्मिक भी मौजूद रहेंगे। यूनियनों से रमेंद्र कुमार(एटक), शिवकुमार यादव, शिवकांत पांडेय (एचएमएस), सुधीर घुरडे, मजरूल हक अंसारी (बीएमएस), रामानंदन (सीटू) के अलावा वैकल्पिक सदस्य भी रहेंगे।
