बिहार में महिलाओं की आबादी को हमेशा से चुनावी नजरिया से काफी अहम माना जाता है और चुनाव में इनकी भूमिका भी निर्णायक रही है। चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की शुरुआत की थी और महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। अब चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है, तो माना जा रहा है कि इसका बड़े पैमाने पर NDA गठबंधन को फायदा होने की उम्मीद है। इस तरह की योजनाओं की झलक हमें मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में भी दिख चुकी है, जहां BJP को बंपर सफलता मिली थी। उम्मीद जताई जा रही है कि बिहार की यह योजना भी उतनी ही कारगर साबित हो सकती है।
75 लाख महिलाओं को मिला 10-10 हजार रुपये
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की शुरुआत करते हुए 75 लाख महिलाओं के अकाउंट में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। यह संख्या कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यह बिहार की कुल आबादी का लगभग 22 फीसदी है। अगर मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजनाओं के बाद हुए वोटिंग पैटर्न को देखें, तो माना जा रहा है कि यह 22 फीसदी महिला आबादी चुनावी गणित को पूरी तरह बदल सकती है। बिहार में कुल 3.39 करोड़ महिला वोटर हैं, जिनमें से 75 लाख महिलाओं को इस स्कीम का लाभ मिला है।
2 लाख रुपये की मिलेगी वित्तीय सहायता
हालांकि फिलहाल महिलाओं को 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए हैं, लेकिन काम की समीक्षा और आगे चलकर मूल्यांकन के आधार पर योग्य महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाएगी। इससे महिलाएं पशुपालन, छोटे बिजनेस या किराना दुकान जैसे अपने स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी। यह योजना न केवल बिहार की अर्थव्यवस्था को गति देगी, बल्कि महिलाओं के लिए भी अतिरिक्त इनकम का जरिया बनेगी।
महिलाओं के लिए NDA सरकार की अन्य पहल
बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही महिलाओं पर विशेष फोकस रहा है। शराबबंदी इसका बड़ा उदाहरण है, जिसने महिला मतदाताओं को NDA के पक्ष में बड़े पैमाने पर जोड़ा है। रिपोर्ट बताती हैं कि शराबबंदी के बाद महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा की घटनाओं में कमी आई है। इसके अलावा महिलाओं के लिए साइकिल योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और बालिका पोशाक योजना जैसी कई योजनाएं हैं, जिन्होंने महिला मतदाताओं को प्रभावित किया है। इसके साथ ही बिहार सरकार ने वृद्धा पेंशन को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया है। माना जा रहा है कि चुनाव में इसका भी बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
