पटना, 9 अक्टूबर 2025: Bihar Assembly Election: बिहार विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है। राज्य की 243 सीटों (जिनमें 38 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं) पर दो चरणों में मतदान होगा—पहले चरण में 121 और दूसरे चरण में 122 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। 14 नवंबर को मतगणना के साथ यह तय होगा कि सत्ता की कुर्सी पर कौन काबिज होगा।
चुनावी बिगुल बजते ही सियासी माहौल में गर्मी बढ़ गई है। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही पूरी ऊर्जा और रणनीति के साथ मैदान में उतर चुके हैं। हालांकि, दोनों खेमों में सीट बंटवारे पर अभी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है, लेकिन बातचीत तेज़ गति से आगे बढ़ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, एनडीए में भाजपा (BJP) और Nitish Kumar की पार्टी जदयू (JDU) के बीच सीटों को लेकर सहमति बनने की दिशा में सकारात्मक बातचीत चल रही है। भाजपा की केंद्रीय समिति की लंबी बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी दी गई है। माना जा रहा है कि भाजपा को 100, जदयू को 101, चिराग पासवान को 22 सीटे और शेष सीटें अन्य सहयोगी दलों के हिस्से में जा सकती हैं। गठबंधन की पहली उम्मीदवार सूची 13 अक्टूबर को आने की संभावना है।
वहीं, महागठबंधन के भीतर भी सीटों को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस बार सभी दल आपसी समन्वय और संगठनात्मक एकता को प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि मतदाताओं के बीच एकजुटता का स्पष्ट संदेश जा सके।
बिहार की राजनीति में यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि नए राजनीतिक समीकरणों और नेतृत्व की परिपक्वता की परीक्षा भी है। जैसे-जैसे तारीखें नज़दीक आ रही हैं, जनता की उत्सुकता और राजनीतिक हलचलें दोनों ही अपने चरम पर हैं।
