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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कोरोना से जंग को अब तेज कर दिया है। साथ ही रैपिड जांच से अपना फोकस अब आरटी-पीसीआर जांच पर कर दिया है। आने वाले दिनों में अमेरिका की मदद से भारत में हर दिन एक लाख कोरोना जांच संभव हो सकेगी। इसके लिए यूपी, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई राज्यों में स्वचालित आरएनए मशीनें खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। अभी देश की 29 लैब में यह मशीन है जहां हर दिन सबसे ज्यादा जांच हो रही है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन के जरिए यह सलाह दी है कि जांच को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक मशीनों की सख्त जरूरत है। अभी भारत की 280 सरकारी और 90 प्राइवेट लैब में कोरोना वायरस की जांच चल रही है।
आईसीएमआर के अनुसार रैपिड जांच किट्स में समस्या मिलने के बाद अब सरकार का फोकस सीधे तौर पर आरटी-पीसीआर जांच पर है। यह जांच ही एकमात्र ऐसा विकल्प है जिसमें मरीज के पॉजिटिव होने अथवा नहीं होने की सटीक जानकारी मिल सकती है। इस जांच में कई तरह की मशीनें सहायक हैं जो इस वक्त भारत में मौजूद हैं। अमेरिका, कोरिया और जापान से मशीनें खरीदने के अलावा इनका भी प्रयोग किया जा सकता है।
