(Hindustan)
परफॉरमेन्स के आधार पर मंत्रियों को हटाने और उनके स्थान पर नए लोगों को लाने का खाका भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठकर तैयार कर लिया है। अब मुख्यमंत्री पर है कि वे मंत्रिमंडल का कब और कैसे पुनर्गठन करेंगे। जुलाई के पहले हफ्ते में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आने से पहले भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने तो चरमराए संगठन के ढांचे को चुस्त-दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। नेतृत्व ने इसकी शुरूआत क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों के क्षेत्रों में फेरबदल से की है।
पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व की मंशा भी यही है कि प्रदेश संगठन और मंत्रिमंडल के पुनर्गठन का काम पूरा हो जाए, उसी के बाद मिशन-2019 की तैयारियां शुरू की जाएं। कारण कि प्रदेश सरकार का कार्यकाल भी सवा साल का हो चुका है। मंत्रियों के सवा साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड भी सरकार और संगठन मिलकर तैयार कर चुके हैं। परफारमेंस के आधार तैयार किए गए मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड पर अमल करने का जिम्मा मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ पर ही है।
मंत्रिमंडल पुनर्गठन को लेकर मंत्रियों से लेकर पदाधिकारियों तक में बेचैनी है। मंत्री इस बात से आशंकित हैं कि कहीं उनका पत्ता न साफ हो जाए तो पार्टी के कई एमएलसी और पदाधिकारी भी मंत्री बनने के ख्वाब संजोए हुए हैं। सरकार बनने के बाद पार्टी के कई पदाधिकारियों के मंत्री बनने के बाद अब मौजूदा पदाधिकारियों की उम्मीदों को भी पर लग गए हैं।
