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हिमाचल प्रदेश में सरकार की अनुमति पर ही अब हेरिटेज और ग्रीन एरिया में निर्माण हो सकेगा। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने इसे लेकर व्यवस्था में बदलाव किया है। प्रधान सचिव (नगर एवं ग्राम नियोजन) देवेश कुमार ने इस बाबत अधिसूचना जारी की है। हेरिटेज और ग्रीन एरिया में निर्माण के लिए पंजीकृत आर्किटेक्ट प्लानर की ओर से तैयार नक्शा स्थानीय नगर निकाय की ओर से निदेशक (नगर एवं ग्राम नियोजन) को भेजा जाएगा। विभाग इसे स्टेट हेरिटेज एडवाइजरी कमेटी की सिफारिश के लिए भेजेगा।
कमेटी अपनी सिफारिश के साथ नक्शा वापस विभाग को भेजेगी और इसके बाद विभाग इसे मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार को भेजेगा। सरकार इस पर सैद्धांतिक मंजूरी देगी और सक्षम अधिकारी को निर्माण की अनुमति देने के निर्देश देगी। ऐतिहासिक महत्व वाली जगहों को संरक्षित करने के लिए सरकार ने हेरिटेज जोन और पर्यावरण सरंक्षण के लिए ग्रीन एरिया चिन्हित किए हैं।
पंजीकरण होगा रद्द, जुर्माना भी लगेगा
प्रदेश सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में नियमों के उल्लंघन पर नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) के निदेशक टाउन प्लानर, वास्तुकार, संरचनात्मक इंजीनियर, इंजीनियर, भूविज्ञानी, ड्राफ्ट्समैन अथवा सर्वेक्षक का पंजीकरण निलंबित या रद्द कर सकेंगे। इतना ही नहीं, अपराध की गंभीरता के आधार पर 50,000 रुपये से 2,00,000 रुपये तक का जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया गया है। नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम, 1977 और हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन नियम 2014 के तहत जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर यह कार्रवाई होगी।
