(Jagran)
प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी है। विमल नेगी मौत मामले के तहत जिन अधिकारियों को अतिरिक्त विभागों का जिम्मा सौंपा गया है, ऐसा माना जा रहा है कि शनिवार को उन्हें स्थायी तौर पर विभाग मिल सकते हैं। ऐसे अधिकारियों से विभाग वापस लेकर दूसरे अधिकारियों को सौंपे जाएंगे, जोकि संतोषजनक काम नहीं कर रहे हैं।
प्रतिनियुक्ति से लौटे आईएएस रितेश चौहान को बड़ा विभाग नहीं दिया गया है। इसी तरह से सचिव सी पालरासू, संदीप कदम बसंत, प्रियंका बासु, आरके पुरथी, सीपी वर्मा, राखिल काहलो के पास कोई अधिक काम नहीं दिया गया है।
वर्तमान सरकार में चार-पांच आईएएस के पास विभागों का अंबार है। जिनमें प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव एम सुधा देवी, सचिव अभिषेक जैन, राकेश कंवर के पास हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि अफसरशाही में व्याप्त नाराजगी को दूर करने का प्रयास भी सरकार द्वारा किए जाने वाले प्रशासनिक फेरबदल में शामिल रहेगा। कुल्लू के दौरे से लौटने के बाद प्रशासनिक फेरबदल पर मंथन शुरू होगा और शनिवार को खाली बैठे अधिकारियों में विभागों का आबंटन करके संतुलन बिठाने का प्रयास किया जाएगा।
ओंकार शर्मा को क्या देते हैं मुख्यमंत्री
विमल नेगी मामले में फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट देने वाले अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा को अवकाश से लौटने के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू क्या देते हैं। ओंकार शर्मा के पास गृह, राजस्व, जल शक्ति, जनजातीय विकास विभाग थे।
