बिहार चुनाव की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। तमाम सर्वे और आकलन बता रहे हैं कि सत्तारूढ़ दल मजबूत स्थिति में है और महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ सकता है। इसी बीच महागठबंधन ने आखिरी चाल चलते हुए तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया है। हालांकि जानकारों का मानना है कि यह दांव उलटा भी पड़ सकता है और फायदे से ज्यादा नुकसानदेह साबित हो सकता है। हाल ही में भाजपा ने 75 लाख महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए हैं। माना जा रहा है कि इससे बड़े पैमाने पर महिला वोट भाजपा से जुड़ सकते हैं।
2 होंगे उपमुख्यमंत्री
चुनाव से पहले जब सब कुछ लगभग खत्म सा दिख रहा था, तो आनन-फानन में महागठबंधन ने फैसला लिया। अब तक सीट शेयरिंग को लेकर तकरार खुलकर सामने आ गई थी। हालांकि अब मामले को थोड़ा संभालने की कोशिश की गई है। तेजस्वी यादव को जहां मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया गया है, वहीं महागठबंधन में दो उपमुख्यमंत्री का प्रावधान किया गया है। इनमें से एक डिप्टी सीएम मुकेश सहनी होंगे।
क्या होगी चाल कामयाब
महागठबंधन ने आखिरकार मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम तो घोषित कर दिया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि अब बहुत देर हो चुकी है। सीट शेयरिंग के समय मुस्तैदी नहीं दिखाने की वजह से कई सीटें ऐसी हैं, जिन पर महागठबंधन के दो-दो उम्मीदवार मैदान में हैं।
दो चरण में होगा चुनाव
बिहार में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होने वाला है। पहले फेज का चुनाव 6 नवंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। 14 नवंबर को यह तय हो जाएगा कि सरकार किसकी बनने वाली है।
