परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) को देशभर में जैविक खेती का व्यापक आधार देने, किसानों की आय बढ़ाने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू किया गया था। 2015 से अब तक पूरे देश में इस योजना के जरिए लगभग 15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के तहत लाया गया और कुल 25.30 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा 2,170.30 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं, जबकि वर्ष 2024-25 के लिए राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (आरकेवीवाई) के अंतर्गत 205.46 करोड़ रुपए का आवंटन भी किया गया है।
पीकेवीवाई योजना के तहत किसानों को न्यूनतम लागत में रसायन मुक्त खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे मृदा स्वास्थ्य तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो सके। किसानों को तीन वर्षों में प्रति हेक्टेयर 31,500 रुपए की सहायता मिलती है, जिसमें जैविक इनपुट, मार्केटिंग, ब्रांडिंग, प्रमाणन और प्रशिक्षण की धनराशि शामिल है । योजना का क्रियान्वयन क्लस्टर-आधारित मॉडल पर किया जाता है, जिसमें 20-20 हेक्टेयर के समूह बनाकर प्रशिक्षण, इनपुट वितरण और बाज़ार से जोड़ने तक सभी स्तरों पर समर्थन मिलता है ।
विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में योजना के क्रियान्वयन के प्रमुख आंकड़ों को देखें तो प्रदेश में अब तक कुल 1,71,184.80 हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के तहत लाया जा चुका है। इससे राज्य के लगभग 2,73,672 किसान लाभांवित हो चुके हैं और ₹213.54 करोड़ का अनुदान उत्तर प्रदेश को जारी हुआ है, जिससे क्लस्टर मॉडल के तहत किसानों को प्रशिक्षण और जैविक इनपुट की समग्र सहायता मिली है ।
देशभर में प्रमाणन और ब्रांडिंग के लिए दोहरी प्रमाणन (एनपीओपी व पीजीएस-इंडिया), वृहद क्षेत्र प्रमाणन, डिजिटल पोर्टल और एफपीओ के सशक्तिकरण जैसी पहलें हुई हैं। दिसंबर 2024 तक जैविक कृषि पोर्टल पर 6.23 लाख किसान, 19,016 स्थानीय समूह, 89 इनपुट आपूर्तिकर्ता और 8,676 खरीदार पंजीकृत हैं। सिक्किम और लक्षद्वीप जैसे क्षेत्रों में 100% प्रमाणित जैविक खेती तथा अंडमान-निकोबार के 14,491 हेक्टेयर सहित पूरे देश में जैविक दायरे का तेजी से विस्तार हुआ है ।
अब राष्ट्रीय मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग में 1 करोड़ किसानों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे जैविक खेती को और सशक्त बनाया जा सकेगा। पीकेवीवाई के ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रशिक्षण-प्रमाणन सहायता से भारत जैविक कृषि के वैश्विक नक्शे पर मजबूती से उभर रहा है ।
