बिहार में विधानसभा चुनाव इस बार दो चरणों में होने वाला है। दूसरे चरण में मिथिलांचल, शाहाबाद और मगध की कुल 61 सीटें काफी अहम होने वाली हैं। 2020 के चुनाव में इन 61 सीटों में से NDA को 25 सीटों पर जीत मिली थी। हालांकि उस दौरान चिराग फैक्टर काफी अहम था। शाहाबाद और मगध में चिराग पासवान ने काफी नुकसान पहुंचाया था। अब जब वह NDA के साथ चुनाव लड़ रहे हैं, तो माना जा रहा है कि NDA को इन इलाकों में बड़ी सफलता मिल सकती है।
NDA को मिल सकती है बड़ी सफलता
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NDA गठबंधन इस बार 61 में से 35-40 सीटों पर जीत हासिल कर सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह चिराग पासवान और चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में ट्रांसफर किए गए 10 रुपये हैं। इन दोनों फैक्टरों को देखें, तो माना जा रहा है कि NDA को पिछले साल के मुकाबले 10 से 15 सीटों का फायदा हो सकता है। NDA ने बिहार चुनाव में बेहतर जातीय गठजोड़ बनाया है, जो RJD के MY समीकरण पर भारी पड़ता दिख रहा है।
महागठबंधन को हो सकता है बड़ा नुकसान
विश्लेषकों का मानना है कि 2020 के चुनाव में महागठबंधन को बड़ा फायदा होने के पीछे चिराग पासवान एक अहम कारण थे। हालांकि वह इस बार NDA के साथ मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में NDA को 10-15 सीटों का फायदा होता नजर आ रहा है। अगर ऐसा होता है, तो महागठबंधन को 10-15 सीटों का नुकसान हो सकता है। बिहार में BJP की लहर एक बार फिर साफ दिखाई दे रही है। इसके अलावा नीतीश का चेहरा NDA गठबंधन को मजबूती दे रहा है। साथ ही PM मोदी भी लगातार चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
