उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवास पर कार्मिक प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कर्मचारियों से जुड़े नियमों को और अधिक सरल, स्पष्ट एवं मानवीय दृष्टिकोण से परिभाषित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए राज्य की नीतियों को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गम्भीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों के स्थानांतरण पर विशेष संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए तथा उन्हें अनावश्यक अपील या आवेदन करने के लिए बाध्य न किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन कर्मचारियों को गंभीर रोग, स्थायी विकलांगता या किसी अन्य कारणवश भविष्य में कठिनाई झेलनी पड़ सकती है, ऐसे मामलों की वास्तविक संख्या का आकलन सभी विभागों में किया जाए। साथ ही, महिलाओं और दिव्यांग कर्मचारियों को भी प्राथमिकता के आधार पर समायोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि किसानों को कृषि, गोसेवा आदि कार्यों से जोड़कर उनकी सेवा अवधि का सार्थक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि समय-समय पर यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि किन बीमारियों को अक्षम्य रोगों की श्रेणी में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि समाज की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए हत्या, बलात्कार, आतंकवाद, नशाखोरी, महिला एवं बाल उत्पीड़न जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त कर्मचारियों को किसी भी स्थिति में रियायत नहीं दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने नियमों में सुधार पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष जनवरी, मई और सितम्बर माह में कर्मचारियों से संबंधित मामलों की स्वतः समीक्षा की व्यवस्था की जाए। यदि किसी कर्मचारी को राहत नहीं दी जाती है तो उसके कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं और उसे उस निर्णय को चुनौती देने का अधिकार प्रदान किया जाए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय न्यायिक सेवा आयोग (NALSA) द्वारा सुझाए गए प्रावधानों पर विचार किया जा रहा है, ताकि कर्मचारियों को न्यायिक अधिकारों का लाभ अधिक सुलभ रूप से मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, तेज़ और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित होनी चाहिए और नई नीति का प्रारूप जल्द तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाए।
