उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज गोरखपुर जिले के एनआईसी भवन सभागार में 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि सभी विभाग सड़क, बिजली और जल संरक्षण के विशेष अभियान चलाएँ। नगर निगम, गोरखपुर विकास प्राधिकरण और नगर पंचायतों द्वारा स्वच्छता एवं सफाई के लिए विशेष प्रयास किए जाएँ।
उन्होंने कहा कि नगर निकायों को सुनिश्चित करना होगा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर पूरी गंभीरता से कार्य किया जाए और सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई की जाए। साथ ही, बुनियादी शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करे कि सभी विद्यालयों के बच्चे यूनिफॉर्म में विद्यालय आएँ। मुख्यमंत्री जी ने अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत हो रहे सीवेज निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की और निर्देश दिया कि इन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी निर्माण कार्यों के लिए नोडल अधिकारी नामित किए जाएँ जो नियमित रूप से प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया कि निर्माण कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक, पखवाड़िक और मासिक समीक्षा की जाए तथा मंडलायुक्त और जिलाधिकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि किसी परियोजना में पेड़ काटे जाते हैं तो उनके स्थान पर अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण किया जाए। साथ ही, किसी भी परियोजना में जनता का पैसा व्यर्थ नहीं होना चाहिए और सभी विभाग अपने कार्य समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करें।
उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही की स्थिति में ठोस कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न स्थलों पर चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और कहा कि सड़कें, पुल, सीवेज और धार्मिक स्थलों से जुड़े कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएँ। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री देवेंद्र प्रताप सिंह चौहान, सांसद श्री रवि किशन शुक्ल, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
