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दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को पूरे हिमाचल प्रदेश को कवर कर लिया है। इससे प्रदेश के कई भागों में झमाझम बारिश जारी है। राजधानी शिमला में भी दोपहर करीब 2:00 बजे तेज बारिश शुरू हुई। बीते 24 घंटों के दाैरान नादौन 63.5, कांगड़ा 55.5, पांवटा साहिब 49.0, हमीरपुर 46.0, गुलेर 42.4, नेरी 39.0, मंडी 34.2, भराड़ी 33.4, सुजानपुर टिहरा में 20.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
इतने दिन जारी रहेगी बारिश, इन जिलों के लिए अलर्ट
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 30 जून तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। 24, 28, 29 और 30 जून को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। जबकि 25 से 27 जून तक राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 24, 26, 27, 29 और 30 जून को कुछ स्थानों पर भारी होने का येलो अलर्ट है। 25 जून को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी व सिरमाैर जिले के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
तापमान में गिरावट की संभावना
उधर, अगले 3-4 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। जबकि 2-3 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। उसके बाद अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 3-5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है।
पाड़छू झील का आकार बढ़ा
मंडी जिले के पाड़छू में बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं। बारिश के बाद झील का आकार बढ़ गया है। गासिया खड्ड में जल स्तर बढ़ने से मंदिर डूबने की कगार पर है। पुल बनाने के लिए यहां मिट्टी डंप की थी, लेकिन अब मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन के नोटिस के बावजूद डंप किया गया मलबा नहीं हट पाया है। इससे धर्मपुर तक नुकसान हो सकता है।
सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ा, पोवारी के पास बैराज निर्माण कार्य रुका
किन्नौर जिले के पोवारी के पास सतलुज नदी पर बन रहे बांध(बैराज) का काम जलस्तर बढऩे के कारण ठप हो गया है। पटेल कंपनी की ओर से निर्माणाधीन कार्य प्रभावित हुआ है, जिससे आगामी समय में परियोजना पूरी होने में देरी होने की आशंका है। पटेल कंपनी के महाप्रबंधक वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि सतलुज के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सोमवार से ही काम रोक दिया गया था। हालांकि, सुरक्षा के मद्देनजर लगातार साइट की निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि बांध स्थल पर फिलहाल अंडरग्राउंड काम चल रहा था, लेकिन सतलुज नदी में पानी बढ़ने से इस कार्य में बाधा आ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से कोई नुकसान नहीं हुआ है। कंपनी जलस्तर सामान्य होने का इंतजार कर रही है, ताकि निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जा सके।
