(AU)
हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की हिमाचल को मिल रही सहायता के लिए आभार जताया। इसके साथ ही उन्होंने ऑल इंडिया टैक्सी परमिट की वैधता मौजूदा 12 साल से बढ़ाकर 15 साल करने की औपचारिक मांग रखी।
स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों और स्क्रैप पॉलिसी का हवाला
अग्निहोत्री ने बताया कि यह मांग स्थानीय टैक्सी चालकों की लंबे समय से चली आ रही मांग है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत निजी गाड़ियां 15 साल तक सड़कों पर चल सकती हैं, तो टैक्सियों के लिए भी यही नियम होना चाहिए। एएनआई के अनुसार, गडकरी ने इस अनुरोध पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पहाड़ी राज्य के लिए सड़कों की अहमियत
हिमाचल के डिप्टी सीएम ने गडकरी को यह भी बताया कि राज्य की भौगोलिक परिस्थिति कठिन है। और ऐसे में राज्य का विकास मजबूत सड़क और पुलों के नेटवर्क पर ही निर्भर करता है। उन्होंने वाहन स्क्रैपिंग प्रोत्साहन योजना के तहत 7.63 करोड़ रुपये की लंबित राशि को जल्द जारी करने की भी मांग की।
राष्ट्रीय राजमार्ग और कनेक्टिविटी को लेकर प्रमुख प्रस्ताव
अग्निहोत्री ने गडकरी से नंगल-जैजों मार्ग को नेशनल हाईवे घोषित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इस रोड का रणनीतिक महत्व है क्योंकि यह आगामी बल्क ड्रग पार्क को सपोर्ट करेगा। इसके लिए 429 करोड़ रुपये की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है, जिसे गति शक्ति योजना के तहत केंद्र को सौंपा जाएगा।
चार लेन हाईवे विस्तार और धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी
उन्होंने एनएच 503A को हिमाचल की सीमा स्थित बनखंडी से झलेड़ा तक चार लेन करने की मांग भी रखी। यह 15 किमी का खंड श्री आनंदपुर साहिब और माता चिंतपूर्णी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ेगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी।
बद्दी औद्योगिक क्षेत्र और चंडीगढ़ के बीच कनेक्टिविटी
बद्दी के औद्योगिक क्षेत्र और चंडीगढ़ के बीच बेहतर सड़क संपर्क की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इस मुद्दे पर गडकरी ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है।
तीन पुलों के निर्माण के लिए फंडिंग की मांग
इसके अलावा अग्निहोत्री ने जैजों मोड़ से ताहलीवाल चौक तक की सड़क को अपग्रेड करने और भाई का मोड़ मार्ग के जरिए तीन पुलों के निर्माण की मांग भी रखी। यह परियोजना 48.69 करोड़ रुपये की बताई गई है। जिसे सेंट्रल रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (CRIF) से फंड कराने का प्रस्ताव है। गडकरी ने इसे प्राथमिकता देने का भरोसा दिलाया और गति शक्ति योजना के तहत डीपीआर जमा कराने के निर्देश दिए।
