उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार केवल नीतियाँ नहीं बना रही है, बल्कि हर युवा, उद्योगपति और वैज्ञानिक के विचारों को स्थान दे रही है। सरकार हर कदम पर स्टार्टअप्स और इनोवेशन के साथ खड़ी है। इन प्रयासों का उद्देश्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना और युवाओं के लिए अवसरों का सृजन करना है।
मुख्यमंत्री लखनऊ में आयोजित CCI R&D Conclave-2025 के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर NBRCI, CDRI, IITR, CSIR-NEERI और IICT जैसी प्रमुख संस्थाओं द्वारा कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट लॉन्च किए गए, जिनमें हरबल फार्मूलेशन, माइक्रोबियल बायोसर्कुलेंट, SNP चिप्स, फूड गोल्ड टी आदि शामिल रहे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने पिछले साढ़े सात वर्षों में सुरक्षा का बेहतर वातावरण दिया है। इससे प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर और ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभरा है। ट्रस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस में भी प्रदेश ने नई पहचान बनाई है। आज निवेशक, शोधकर्ता और किसान राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह दो दिवसीय CCI R&D Conclave लखनऊ में आयोजित किया गया, जिसने वैज्ञानिकों, शोध संस्थानों और किसानों को अपने नवाचार व शोध प्रस्तुत करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि शोध का उद्देश्य हर उत्पादन को भारत की शक्ति बनाना है। यदि 2047 तक भारत को विकसित बनाना है, तो उत्तर प्रदेश को भी विकसित बनाना होगा और इसके लिए हर जिले का विकास आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि नई तकनीक और शोध पर आधारित इनोवेशन ही समाज को नई दिशा देगा। विज्ञान और टेक्नोलॉजी में जितना अधिक निवेश और शोध होगा, उतना ही देश आगे बढ़ेगा। यही कारण है कि राज्य सरकार ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करने पर जोर दिया है। वर्तमान में प्रदेश में 17,000 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें 8 यूनिकॉर्न भी शामिल हैं। 72 इनक्यूबेटर्स और 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। इन स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 137 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले रिसर्च का लाभ किसानों तक नहीं पहुँच पाता था, लेकिन अब ‘Lab to Land’ प्रोग्राम के माध्यम से वैज्ञानिक सीधे किसानों तक पहुँच रहे हैं। यही मॉडल अब उद्योगों और संस्थानों के सहयोग से लागू हो रहा है। इससे नई तकनीक किसानों और उद्यमियों तक तेज़ी से पहुँच रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने नई टेक्नोलॉजी और लाइफ साइंसेज प्लेटफॉर्म को अपनाया है। परिणामस्वरूप, प्रदेश अब ब्लू-टेक और बायो-इनोवेशन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। राज्य में मेडिकेल डिवाइस पार्क, फार्मा पार्क और बायोटेक पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि देश की 50% से अधिक जनसंख्या युवा है और ग्रामीण क्षेत्रों में इनोवेशन की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई National Quantum Mission और स्टार्टअप इंडिया पहल से देश में इनोवेशन की नई क्रांति आई है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में उत्तर प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा।
