(Jagran)
प्रदेश में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय को शिक्षा के नए मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। हर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय खोलने की तैयारी है।
करीब 25 से 30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होगी। इसमें विज्ञान और कंप्यूटर लैब, स्टेडियम, मल्टीपर्पज हाल, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में आधारभूत ढांचे को भी सुधारने की कोशिश हो रही है। प्रदेश के सभी सरकारी स्कूल ऑपरेशन कायाकल्प अभियान से जुड़कर शौचालय, पीने का साफ पानी, खेल के मैदान, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 2,441 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में नई कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, साफ पानी और बेहतर शौचालय की सुविधा मिली है।
प्रधानमंत्री श्री योजना के तहत प्रदेश के 1,500 से अधिक स्कूलों को जोड़ा गया है। 57 नए कंपोजिट विद्यालयों के लिए बजट भी मंजूर हो चुका है। वहीं, इस सत्र से कस्तूरबा गांधी विद्यालयों को उच्चीकृत करते हुए 12वीं तक पढ़ाई शुरू की जा रही है।
50 लाख युवाओं को मिला स्मार्टफोन व टैबलेट
अब तक 50 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट मिले हैं। कुल लक्ष्य दो करोड़ का है। शेष 1.5 करोड़ और युवाओं को यह सुविधा और मिलेगी। इसके अलावा वर्ष 2025-26 के बजट में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत मेधावी छात्राओं को फ्री स्कूटी देने के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
