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संसद का बजट सत्र अब तक हंगामेदार रहा है। विपक्ष ने महंगाई, अमेरिका से वापस भेजे गए भारतीयों समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की है। इस बीच दिल्ली के चुनावी नतीजे के बाद सरकार ने विपक्ष जमकर खरीखोटी सुनाई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि उत्पादन में सबसे पिछड़े 100 जिलों में उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले 45% घरों में एलपीजी कनेक्शन या स्वच्छ ईंधन नहीं था। अब करीब 32 करोड़ घरों तक यानि करीब 100% घरों तक खाना पकाने का स्वच्छ ईंधन उपलब्ध है। 10.3 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को 503 रु में एलपीजी सिलिंडर मिल रहा है।
लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री की ओर से बजट को लेकर दिए जा रहे सवालों के जवाब के बीच विपक्ष का हंगामा जारी है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन का समय बढ़ाने की बात कही। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मंत्रालयों में परिचालन दक्षता में सुधार के लिए स्वतंत्रता के बाद से चौथा बड़ा कदम उठाया गया है। उन्हें छोटी-छोटी राशियों के लिए अनुमति लेने के लिए हमारे पास आना पड़ता था। मंत्रालय अब अधिक सशक्त हैं, इसलिए धन के वितरण के बारे में निर्णय जल्दी हो जाते हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट ऐसे समय में आया है जब वैश्विक मैक्रो-इकोनॉमिक माहौल में भारी अनिश्चितताएं और बदलाव हैं। बजट का फोकस गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर है। इसका आधार कृषि, एमएसएमई और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं और सुधारों को प्रस्तुत करना था। जो विकास, ग्रामीण समृद्धि और लचीलेपन के प्रावधान के साथ-साथ विकास के इंजन के रूप में थे। उन्होंने कहा कि 2025-26 के लिए प्रभावी पूंजीगत व्यय 4.3% है और राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.4% है। यह दर्शाता है कि सरकार प्रभावी पूंजीगत व्यय के वित्तपोषण और पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए संपूर्ण उधार संसाधनों का उपयोग कर रही है।