(Jagran)
प्रदेश सरकार ने पिछले आठ वर्षों में 29 महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया है। इससे जहां एक ओर प्रदेश के 43.53 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में 19.11 लाख हेक्टेयर सिंचाई की क्षमता में वृद्धि हुई है। इससे प्रदेश की कृषि उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि हुई है।
प्रदेश सरकार के हर खेत को पानी विजन की दिशा में हुए कार्यों के तहत आठ वर्षों में सात वृहद सिंचाई परियोजनाओं में बाणसागर नहर परियोजना, लहचूरा बांध परियोजना, पहाड़ी बांध परियोजना, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, अर्जुन सहायक नहर परियोजना, उत्तर प्रदेश वाटर रिस्ट्रक्चरिंग परियोजना फेज-2 और उमरहठ पंप परियोजना द्वितीय चरण को पूरा किया गया है।
इससे मीरजापुर, प्रयागराज, महोबा, हमीरपुर, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, गोरखपुर, महराजगंज, बांदा, अमेठी, रायबरेली, इटावा, एटा, कन्नौज, कानपुर देहात, कासगंज, कौशांबी, फतेहपुर, फर्रूखाबाद, फिरोजाबाद, बाराबंकी, मैनपुरी एवं ललितपुर के किसानों को लाभ मिल रहा है।
इसी तरह मध्यम श्रेणी की 16 सिंचाई परियोजनाएं पूरी की गईं। इसी प्रकार छह लघु सिंचाई परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इनमें कई परियोजनाएं तो ऐसी हैं जो वर्षों से अटकी थीं, जिन्हें प्रदेश सरकार ने पूरा किया है। इन परियोजनाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया, जिससे निगरानी, पारदर्शिता और कार्यक्षमता में वृद्धि हुई।
