उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के बाढ़ प्रभावित जिले बलिया के बैरिया तहसील में राहत कार्यों का जायजा लिया और प्रभावित लोगों को राहत किट वितरित की। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता प्रमाणपत्र और नकद सहायता भी प्रदान की। साथ ही उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वट वृक्ष का भी रोपण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 10–15 दिनों में भारी बारिश के कारण प्रदेश के 21 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें बलिया के 12 राजस्व गांवों में 5,000 से अधिक परिवार गंगा नदी में आई बाढ़ से प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज़ी से जारी हैं। सभी जिलों में प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, उनके लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयाँ और मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराया गया है। जो लोग अपने घरों में ही रह पा रहे हैं, वहां बड़ी नावों की मदद से राहत किट पहुंचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि राहत किट में राशन, पीने का पानी, सोलर लैंप, चादर, बर्तन, हाइजीन किट, मच्छरदानी आदि आवश्यक सामग्री शामिल है। जिन घरों को बाढ़ में पूर्ण रूप से नुकसान हुआ है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सीएचसी और जिला अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती, दवाओं और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। बाढ़ के बाद संभावित बीमारियों से बचाव के लिए भी स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, पशुओं के लिए टीकाकरण और चिकित्सा की भी व्यवस्था की गई है।
राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए NDRF, SDRF और PAC की फ्लड यूनिट को भी तैनात किया गया है। वर्तमान में NDRF की 16, SDRF की 18 और PAC की 31 टीमें प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात हैं। इन क्षेत्रों में 100 से अधिक नावों की व्यवस्था भी की गई है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी तहसीलों और गांवों में कैंप स्थापित कर राहत कार्यों की निगरानी की जा रही है। जिन किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं, उनका तत्काल सर्वे कर मुआवजा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से कहा कि बाढ़ की आशंका सितंबर–अक्टूबर तक बनी रहती है, इसलिए सतर्कता और त्वरित राहत का संचालन जारी रखा जाए। मुख्यमंत्री स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।
इस अवसर पर राज्य की महिला कल्याण मंत्री श्रीमती अर्चना पांडेय, कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे पूर्व वाराणसी और बलिया के बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी कर चुके हैं।
