उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई “सीएम युवा उद्यमी योजना” को राज्य की अर्थव्यवस्था और युवाओं की आत्मनिर्भरता के लिए एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना एक क्रांतिकारी और परिवर्तनकारी पहल है, जिसके माध्यम से राज्य के 68,000 से अधिक युवाओं को अब तक ₹2,751 करोड़ की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने “सीएम युवा उद्यमी योजना-काउंसिल एंड एक्सपो 2025” का शुभारंभ किया और इस अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में ई-स्कूटर कंपनी “वाईपी मोटर्स” के लांचिंग के साथ-साथ विभिन्न विभागों और संस्थानों द्वारा चयनित 17 स्टार्टअप्स को सम्मानित भी किया। योजना से लाभान्वित हुए युवा उद्यमियों ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए योजना को अपने जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कई ऐसे युवा हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद कुछ बड़ा करना चाहते हैं, परंतु मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता की कमी उनके सपनों को रोक देती है। यह योजना ऐसे युवाओं को न केवल मार्गदर्शन देती है, बल्कि उन्हें जरूरी प्रशिक्षण, उपकरण और वित्तीय सहायता भी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि अब तक योजना से लाभान्वित युवाओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में सफलतापूर्वक अपने व्यवसाय स्थापित किए हैं, जिससे अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश के युवाओं को नौकरी के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब “सीएम युवा उद्यमी योजना” से वे अपने ही जिले में उद्यम शुरू कर रहे हैं। पहले युवाओं के पास बिजनेस का आइडिया तो होता था, लेकिन जानकारी और मार्गदर्शन की कमी के कारण वे पीछे रह जाते थे। यह योजना उन कमियों को दूर कर उन्हें नई दिशा देने का कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में कोई ठोस उद्यम नीति नहीं थी और पारंपरिक उद्योगों को नजरअंदाज किया जा रहा था। उनकी सरकार ने 24 जनवरी 2018 को “एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP)” योजना शुरू की, जिसके अंतर्गत हर जिले के पारंपरिक उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए गए। इससे लाखों कारीगर और उद्यमी लाभान्वित हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “सीएम युवा उद्यमी योजना” के माध्यम से प्रदेश में 86,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है और एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। अब तक राज्य सरकार ने स्टार्टअप्स को सभी आवश्यक क्लियरेंस, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया है, जिससे एमएसएमई सेक्टर को बड़ी मजबूती मिली है।
उन्होंने बताया कि यूपी ग्लोबल ट्रेड शो जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के माध्यम से प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक मंच दिया जा रहा है। पिछले दो संस्करणों में पहले साल 4 लाख और दूसरे साल 5 लाख से अधिक लोग प्रतिभागी बने, जिससे यूपी की क्षमता वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में सीएम युवा उद्यमी योजना से लाभान्वित युवाओं की सफलता की कहानियों को हाईलाइट कर बाकी युवाओं को भी प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि योजना के तहत चयनित युवाओं को बैंक लोन, उपकरण और प्रशिक्षण की सुविधा एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री श्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से यूपी दिवस के मौके पर बड़ी संख्या में युवाओं को योजना से जोड़ा गया है और अब तक 68 हजार से अधिक युवा अपने व्यवसाय की शुरुआत कर चुके हैं। इसके अलावा कई अन्य लोगों को रोजगार देने के अवसर भी इन उद्यमों के माध्यम से मिले हैं।
कार्यक्रम में एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री आलोक कुमार, कुलपति प्रो. जे.पी. शर्मा, प्रो. राकेश कुमार सिंह सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, स्टार्टअप प्रतिनिधि, शिक्षाविद और सैकड़ों युवा उद्यमी उपस्थित रहे।
