(Jagran)
प्रदेश सरकार ने बीते चार वर्षों में 50 हजार से अधिक लघु और सीमांत किसानों को 1000 करोड़ रुपये से अधिक का दीर्घकालीन कर्ज वितरित किया है। यह कर्ज न केवल खेती-किसानी को मजबूती दे रहा है, बल्कि गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार भी खोल रहा है।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों की आमदनी बढ़ाने का अभियान चलाया जा रहा है। जहां व्यावसायिक बैंकों की पहुंच नहीं थी, वहां उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक ने किसानों की मदद की है। यह बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालीन कर्ज उपलब्ध कराकर कृषि और ग्रामीण विकास को नया आधार दे रहा है।
खासकर ऐसे इलाकों में, जहां बैंकिंग सुविधाएं सीमित हैं, वहां यह बैंक किसानों के लिए आर्थिक रीढ़ बना है। दीर्घकालीन कर्ज योजनाओं के माध्यम से युवाओं को डेयरी, पशुपालन, बागवानी जैसी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इससे गांवों में स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
