(Jagran)
दक्षिण भारत में बेमौसम बरसात के बाद अब देश में मौसम शुष्क हो जाने का उत्तर प्रदेश में भी व्यापक असर होगा। मौसम शुष्क होने के कारण प्रदेश के दक्षिणी भाग में अधिकतम तापमान में व्यापक बढ़ोतरी हुई है। अब प्रदेश में 11 जून तक भीषण गर्मी पड़ेगी और तेज लू भी चलेगी।
मौसम विभाग और राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों को लू के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। दिन में 12 बजे से पांच बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें। अगर निकलें तो हल्के और ढीले कपड़े पहनने के साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर और सिर ढककर निकलें। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार साफ आसमान के चलते सूर्य की किरणें सीधे धरातल पर पड़ रही हैं, जिससे विकिरणीय ऊष्मन में तीव्र बढ़ोत्तरी हुई है। साथ ही, सतही पछुआ हवाएं प्रदेश के पश्चिमी एवं दक्षिणी भागों में प्रबल हो गई हैं। इन हवाओं के कारण वायुमंडलीय नमी में गिरावट आई है, जिससे तपिश और अधिक महसूस हो रही है।
अगले हफ्ते पड़ने वाली गर्मी का प्रभाव शुक्रवार से ही दिखना शुरू हो गया। एक तरफ जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया तो वहीं न्यूनतम तापमान भी 27 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।मौसम के जानकारों का कहना है कि नौ से 14 जून तक अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के करीब रहेगा। इसके अलावा नौ व 10 जून को हीटवेव का भी अलर्ट जारी किया गया है।
लू का यह सत्र बहुत लंबा नहीं रहेगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 11 जून से प्रदेश में हवाओं के रुख में बदलाव आना शुरू होगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में पुरवा हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे नमी युक्त हवाओं का प्रवाह शुरू होगा। इसके कारण वर्षा की एक नई श्रृंखला पूर्वी जिलों से प्रारंभ होकर धीरे-धीरे पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ेगी। जैसे ही यह वर्षा प्रदेश में सक्रिय होगी, तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप 11 जून के बाद लू जैसी स्थितियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में प्रयागराज 43.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ जहां सबसे गर्म रहा, वहीं आगरा 43° डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। मौसम के 10 जून तक मुख्यत: शुष्क बने रहने की संभावना है। इससे गर्म सतही पछुआ हवा चलेगी। ऊपरी क्षोभमंडल के प्रतिचक्रवात के संयुक्त प्रभाव से तापमान में दो से तीन डिग्री की और बढ़ोतरी होगी। ऐसे में नौ से 11 जून के दौरान दक्षिणी उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड, विंध्य आदि क्षेत्रों में कहीं-कहीं लू चलने की संभावना है। 11 जून के बाद लू से राहत मिलने की संभावना है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी के अनुसार बुन्देलखण्ड (झांसी, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, बांदा) तथा विंध्याचल (मिर्जापुर, सोनभद्र) क्षेत्र के कई हिस्सों में 9 से 11 जून के दौरान लू चल सकती है। लू की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बढ़ जाता है, अथवा मैदानी इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया जाता है। फिलहाल इन इलाकों में तापमान पहले ही 43 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। IMD का अनुमान है कि आने वाले दो से तीन दिनों में तापमान में और 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है, जिससे लू की स्थिति बनना तय है।
बीते सप्ताह से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त हवाओं के कारण आंशिक वर्षा और बादलों के कारण तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन जैसे ही यह कमजोर पड़ा तो आसमान पूरी तरह साफ हो गया।
