राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज कौशांबी स्थित डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, सामग्री एवं आर्थिक सहायता वितरित की।
राज्यपाल ने 100 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए संसाधन किट, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत 5 लाभार्थियों को ऋण की स्वीकृति, 50 आयुष्मान कार्ड, 50 टीबी रोगियों को पोषण किट, प्रधानमंत्री कुसुम योजना, कृषि यंत्र योजना, और एनआरएलएम के तहत महिला समूहों को प्रशिक्षण पत्र और सीसीएल के चेक वितरित किए। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि बचपन में बच्चों का समुचित विकास अत्यंत आवश्यक है और इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सीखने की क्षमता 8 वर्ष की उम्र तक सबसे अधिक होती है, इसीलिए इस अवधि में उन्हें सही पोषण और देखभाल मिलनी चाहिए। गभर्वती महिलाओं को पौष्टिक आहार देने पर भी उन्होंने बल दिया, ताकि बच्चों का जन्म स्वस्थ हो। उन्होंने भोजन से पूर्व मंत्रोच्चार करने की परंपरा को फिर से अपनाने की सलाह दी, जिससे पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है।
राज्यपाल ने टीबी और कैंसर जैसे रोगों से निपटने में संतुलित आहार की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि देशभर में अब तक 4 लाख से अधिक लोग टीबी से मुक्त हो चुके हैं। चना, गुड़, सूजी और ड्राईफ्रूट्स जैसे खाद्य पदार्थ इन रोगों के खिलाफ लाभकारी हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक देश की आंगनवाड़ियों में 35 हजार से अधिक संसाधन किट वितरित की जा चुकी हैं और आज वितरित की गई 100 किटों में शैक्षिक और स्वास्थ्य सामग्री शामिल है जो बच्चों के समग्र विकास में सहायक होगी।
राज्यपाल ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में सबसे अधिक पदक बेटियां प्राप्त कर रही हैं। पशुपालन से लेकर ऑपरेशन सिन्दूर तक, हर क्षेत्र में बेटियों की भूमिका सराहनीय है।
अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा देश में 6 डिफेंस कॉरिडोर स्थापित किए गए हैं, जिनमें लखनऊ में निर्मित ‘पिनाका मिसाइल’ का ऑपरेशन सिन्दूर में सफलतापूर्वक उपयोग हुआ, जो भारत के युवाओं की वैज्ञानिक क्षमता का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति और आत्मनिर्भरता की भावना से प्रेरित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने मेडिकल कॉलेज परिसर में मौलश्री का पौधा भी रोपित किया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं और छात्र-छात्राओं ने “महिलाओं की भूमिका राष्ट्र के सतत विकास में” तथा “जलवायु परिवर्तन” जैसे विषयों पर सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किए।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण ने राज्यपाल को एक शिक्षिका के रूप में सम्मानित करते हुए उनके शिक्षा और पोषण क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने राज्यपाल द्वारा लिखित पुस्तक “चुनौतियां मुझे पसंद हैं” का उल्लेख करते हुए उनके प्रेरणादायक जीवन पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपमा शाक्य, पूर्व सांसद श्री सूरत पाठक, जिलाधिकारी श्री आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी श्री रामकृपाल चौधरी, अपर जिलाधिकारी श्री आशीष कुमार सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
