उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने समाज के प्रति संवेदनशीलता का भाव हमारे भीतर उत्पन्न किया। यही संवेदनशीलता “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के निर्माण की प्रेरणा देती है और राष्ट्रप्रथम की भावना को सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि ने मानवता को आध्यात्मिक उत्थान और आत्ममुक्ति का मार्ग दिखाया, इसलिए संपूर्ण समाज उनके प्रति श्रद्धा रखता है।
मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और कहा कि उन्होंने भगवान श्रीराम के अवतार का वर्णन किया, जिनका चरित्र हर युग और हर समाज के लिए प्रासंगिक है। रामायण से हमें यह शिक्षा मिलती है कि पुत्र, पिता, माता और राजा के बीच क्या संबंध होना चाहिए। भगवान श्रीराम ने कर्म के महत्व को समझाया और भगवान वाल्मीकि ने उसे मानवता के सामने प्रस्तुत किया।
योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि भारत की संस्कृति प्रत्येक युग में समाज को दिशा देने का कार्य करती रही है। महर्षि वाल्मीकि से लेकर वेदव्यास, तुलसीदास, और अन्य महान संतों ने अपने-अपने काल में समाज को आदर्श मार्ग दिखाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज देश उसी भावना के साथ “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है — जो हमारी सांस्कृतिक परंपरा से प्रेरित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीरामराज्य वह आदर्श है, जहाँ जाति, पंथ, धर्म या वर्ग के नाम पर भेदभाव नहीं होता। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। इसी भावना से राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि अयोध्या के कुंडा स्ट्रीट क्षेत्र में स्थित मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर अब महर्षि भगीरथ बाबा हंसदेव मेडिकल कॉलेज किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गोरखपुर में हाथी संरक्षण केंद्र, जनजातीय संग्रहालय और आदिवासी कल्याण योजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सफाई कर्मचारियों (स्वच्छता दीवर्स) के सम्मान और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब ठेका सफाईकर्मियों को वेतन का भुगतान सीधे कॉर्पोरेशन द्वारा किया जाएगा। उन्हें 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा सुविधा और किसी दुर्घटना की स्थिति में 35 से 40 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। अब तक 80 हजार सफाईकर्मियों को यह बीमा कवरेज मिल चुका है।
उन्होंने कहा कि सफाईकर्मी समाज की रीढ़ हैं। उनका सम्मान भगवान वाल्मीकि की परंपरा का सम्मान है। सफाईकर्मियों से उन्होंने अपने बच्चों को शिक्षित करने और समाज सेवा में सक्रिय रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, विधान परिषद सदस्य हृदयनारायण दीक्षित, विधायक हरीश द्विवेदी, सांस्कृतिक कार्य मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
