उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवास पर आगामी सेवा पखवाड़ा (17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025) की विस्तृत तैयारियों की उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस से शुरू होने वाला यह पखवाड़ा केवल कार्यक्रमों का आयोजन नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री, पं. दीनदयाल उपाध्याय, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व, कृतित्व और जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेकर समाज के गरीब, वंचित और वंचित वर्गों की सेवा का अवसर है। यह ‘अन्त्योदय से राष्ट्रोदय’ की भावना का प्रतीक होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर होगा। 25 सितम्बर को पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती तथा इसका समापन 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर होगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि इस दौरान सभी जिलों में स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य शिविर, विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, ‘वोकल फॉर लोकल’ मेले, क्विज प्रतियोगिताएं, चित्रकला प्रतियोगिताएं, निबंध लेखन तथा प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी जैसे विविध आयोजन किए जाएं। इन सभी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित हो और जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय सहभागिता रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान प्रारंभिक दिनों से ही जोर-शोर से चले ताकि आगामी नवरात्र से पूर्व पूरे प्रदेश में स्वच्छता और सुव्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी को प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि उनका जन्मदिवस सभी देशवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने राष्ट्र निर्माण की नई ऊँचाइयों को प्राप्त किया है। सेवा, समर्पण और सुशासन की उनकी कार्यशैली ने वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान और प्रतिष्ठा को और सशक्त किया है। सेवा पखवाड़ा के माध्यम से हम सभी ‘सेवा परमोधर्मः’ के संदेश को चरितार्थ करेंगे। इस अवसर पर व्यापक पौधरोपण कर ‘मिशन ग्रीन’ और ‘मिशन पार्क’ जैसी योजनाओं को गति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पं. दीनदयाल उपाध्याय, महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर संगोष्ठी, गोष्ठी, वृक्षारोपण और स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। गांधीजी के स्वदेशी और स्वच्छता के संदेश तथा शास्त्रीजी के ‘जय जवान-जय किसान’ के मंत्र को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यक्रम सुव्यवस्थित, सुसंगठित और प्रभावी हों। प्रत्येक आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और इसकी रिपोर्ट समयबद्ध ढंग से तैयार कर UMANG App और Janspandan Portal पर अपलोड की जाए।
