मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चंदौली जनपद में आयोजित जनसभा में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अब चंदौली की पहचान “नक्सल प्रभावित क्षेत्र” के बजाय “उन्नत चंदौली” के रूप में हो रही है। उन्होंने कहा कि यह पहचान माँ पाटेश्वरी के आशीर्वाद और जनता के सहयोग से संभव हो सकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जनपद में 2,264 करोड़ रुपये की 545 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया है। इनमें से 1,259 करोड़ रुपये की 222 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 1,005 करोड़ रुपये की 323 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चेक, टेबलेट और गैस सिलेंडर वितरित किए। साथ ही रोजगार मेले में विभिन्न कंपनियों द्वारा चयनित 6,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों के पोषण एवं महिलाओं की सुरक्षा पर बल दिया। “एक पौधा माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सावन महीने में चंदौली आने और भगवान शिव के चरणों में नमन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों से चंदौली की तस्वीर बदल रही है और हर घर में अब सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है। पहले की सरकारें सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करती थीं, जबकि वर्तमान सरकार समग्र विकास की बात करती है।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले चंदौली नक्सल प्रभावित जिला था, लेकिन अब यहाँ की पहचान ‘भगवान शिव के प्राचीन मंदिरों’ और समर्पित विकास परियोजनाओं से हो रही है। चंदौली के प्रसिद्ध मंदिरों जैसे- बाबा व्यंकटेश, बाबा वेंकटनाथ, बाबा चंद्रनाथ, बाबा ऋषिनाथ, माँ मंकिनी और माँ पशुपतिनाथ मंदिरों का कायाकल्प कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पूर्व की सरकारों में जनता और पुलिस के बीच विश्वास की कमी थी, परंतु अब पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए तत्पर है। महिलाएं, व्यापारी और गरीब अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाएं जब धरातल पर उतरती हैं, तभी उनका वास्तविक लाभ मिलता है। चंदौली, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र के विकास की गति को नई दिशा मिल रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र पर काम हो रहा है। आज उत्तर प्रदेश की सरकार बिना जाति, धर्म, क्षेत्र और भाषा का भेद किए हर नागरिक को योजनाओं का लाभ दे रही है। यह नया भारत है, जहाँ योजनाएं राजनीति से ऊपर उठकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चंदौली में रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को नौकरी देने का प्रयास हो रहा है। युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को प्रशिक्षण, बैंक से ऋण और अनुदान प्रदान किया जा रहा है। अब तक 70,000 से अधिक युवाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में कार्य किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले युवाओं के सामने पहचान का संकट था, लेकिन अब यह संकट खत्म हो गया है। पिछले आठ वर्षों में सरकार ने 8 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं और 60,000 से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है, जिनमें 12,000 से अधिक महिलाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले हर जिले में भूमाफिया, गुण्डे, गुंडाराज, महिलाओं के खिलाफ अपराध और व्यापारी असुरक्षित रहते थे। परंतु अब “नक्सली मुक्त चंदौली” के साथ-साथ “प्रगतिशील चंदौली” की छवि उभर रही है। अब प्रदेश में “वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज” और “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” की दिशा में भी काम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि चंदौली में सुरक्षा के साथ-साथ समावेशी विकास भी हो रहा है। योजनाओं का लाभ किसानों, गरीबों, युवाओं और महिलाओं को मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा मेट्रो, हाईवेज, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट जैसी नई-नई परियोजनाओं के माध्यम से इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए वायफाय, 5G और फाइबर नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तर प्रदेश आज आर्थिक रूप से प्रगतिशील राज्य बनता जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि समावेशी विकास की भी है। यह भूमि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है, जहां अनेक ऋषि-मुनियों ने जन्म लिया। ऐसे पवित्र भूमि पर राज्य सरकार लोगों को उनके हक व अधिकार दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 8, 9 और 10 अगस्त को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम और नगर विकास विभाग द्वारा कांवरियों के लिए विशेष निशुल्क यात्रा व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री के साथ इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्य मंत्री जे.पी.एस. राठौर, वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण कुमार सक्सेना, गन्ना विकास एवं चीनी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, अन्य मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
