नागपुर के शहरी परिदृश्य को नया रूप देने की दिशा की ओर एक बड़े कदम के रूप में, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन आने वाले नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड ने महानगरीय क्षेत्र में योजनाबद्ध अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वित्त केंद्र (आईबीएफसी) के रूप में नवीन नागपुर के विकास हेतु नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एन.एम.आर.डी.ए.) के साथ दिनांक 08.09.2025 को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे की गरिमामयी उपस्थिति में श्री के.पी. महादेवास्वामी, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी और श्री संजय मीणा, आईएएस, महानगर आयुक्त, एन.एम.आर.डी.ए. द्वारा समझौता ज्ञापन पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
नवीन नागपुर का नव-परिकल्पित व्यावसायिक जिला लगभग 1,710 एकड़ (692 हेक्टेयर) क्षेत्र को कवर करेगा जिसमें व्यावसायिक जिला 1000 एकड़ में विस्तारित होगा एवं 710 एकड़ भूमि को भविष्य के विस्तार हेतु आरक्षित किया जाएगा। नवीन नागपुर को प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिसमें एकीकृत भूमिगत उपयोगिता सुरंग, जिला शीतलन प्रणाली, स्वचालित अपशिष्ट संग्रहण और पृथक्करण संयंत्र जैसी अत्याधुनिक अवसंरचनाएं शामिल होंगी। यह परियोजना स्टार्ट-अप, एमएसएमई, आईटी कंपनियों और वाणिज्यिक कार्यालयों के लिए वाणिज्यिक अधिष्ठानों के निर्माण के साथ-साथ आवासीय और मिश्रित उपयोग वाले विकास पर केंद्रित होगी, जो नगर नियोजन दिशानिर्देशों के अनुरूप होंगी।
एनबीसीसी को, बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट के रूप में योजनाबद्ध 1,000 एकड़ भूमि के लिए, परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता नियुक्त किया गया है। यह परियोजना अगले 15 वर्षों में तीन चरणों में निष्पादित की जाएगी। यह समझौता ज्ञापन नवीन नागपुर को एक योजनाबद्ध अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय एवं वित्त केंद्र (आईबीएफसी) के रूप में विकसित करने की दिशा की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इसके कार्यनीतिक विकास और वृद्धि के लिए एक मज़बूत नींव रखेगा।
इस परियोजना को दिनांक 03.09.2025 को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल से अनुमोदन प्राप्त हुआ है। विदर्भ और महाराष्ट्र के लिए क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए तैयार नवीन नागपुर विकास परियोजना से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने, रोजगार का सृजन होने तथा विश्वस्तरीय अवसंरचना और शहरी जीवन स्तर प्रदान करके नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होने की आशा है
