(Jagran)
बेसिक शिक्षा परिषद स्कूलों में लंबे समय से सामान्य स्वैच्छिक स्थानांतरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। अब शिक्षक अपनी मर्जी से जिले के अंदर या बाहर किसी भी स्कूल में तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे।
सरकार ने सेवा अवधि की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है और तबादला प्रक्रिया को पूरी तरह आनलाइन कर दिया है। शिक्षकों को आनलाइन पोर्टल पर अधिकतम 10 स्कूलों को वरीयता के आधार पर चुनने का विकल्प मिलेगा। हालांकि, केवल उन्हीं स्कूलों का चयन किया जा सकेगा जहां शिक्षक की जरूरत होगी। बेसिक स्कूलों में शिक्षक और छात्र अनुपात को संतुलित करने की दिशा में भी विभाग की यह एक कोशिश है।
जिले के अंदर शिक्षकों को तबादले की सुविधा वर्ष 2017 में मिली थी। आठ वर्ष बाद शिक्षकों को इसका मौका मिल रहा है। वहीं, एक जिले से दूसरे जिले में आपसी सहमति (म्युचुअल ट्रांसफर) की सुविधा पहले से मिल रही थी। इस बार भी अभी म्युचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही है।
वहीं, शुक्रवार को स्वैच्छिक स्थानांतरण को लेकर शासन के जारी आदेश के अनुसार, यू-डायस पोर्टल पर दर्ज छात्र संख्या के आधार पर स्कूलों की जरूरत तय होगी ताकि छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित रह सके। ग्रामीण संवर्ग के शिक्षक ग्रामीण क्षेत्रों में ही स्थानांतरित होंगे और शहरी संवर्ग के शिक्षक शहरी क्षेत्र में।
पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी ) द्वारा तैयार साफ्टवेयर के जरिए संचालित किया जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज जल्द ही इस पूरी प्रक्रिया की तकनीकी रूपरेखा और समय-सारणी जारी करेगा। यह फैसला शिक्षा के अधिकार कानून 2009 और उत्तर प्रदेश सेवा नियमावली 2011 के तहत लिया गया है। इससे न केवल शिक्षकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में भी संतुलन आएगा।
हर जिले में तबादला समिति लेगी निर्णय
हर जिले में एक तबादला समिति गठित होगी। इसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष होंगे, जबकि मुख्य विकास अधिकारी, डायट प्राचार्य और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य और सचिव के रूप में शामिल होंगे। यही समिति सभी तबादला प्रस्तावों पर निर्णय लेगी। शिक्षकों को आनलाइन आवेदन के साथ जरूरी प्रमाण पत्रों की सत्यापित प्रतियां बीएसए कार्यालय में जमा करनी होंगी। फर्जी दस्तावेज देने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तबादले के बाद शिक्षक की जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर अपडेट की जाएगी।
जहां पहले से कम शिक्षक, वहां से तबादला नहीं
जिन स्कूलों में पहले से ही शिक्षक कम हैं, वहां से किसी का तबादला नहीं किया जाएगा। साथ ही, नए जिले में तैनात होने वाले शिक्षक को शपथ पत्र देना होगा कि वह वहां की वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे रहेगा और पदोन्नति का दावा नहीं करेगा। यू-डायस डाटा के आधार पर यह पता चलेगा कि किस जिले में शिक्षकों की अधिकता या कमी है। इसके आधार पर सूची बनाई जाएगी और आनलाइन साझा की जाएगी। जिन जिलों में शिक्षक अधिक हैं, वहां के शिक्षक जरूरतमंद जिलों का चयन कर सकेंगे।
